मध्य प्रदेश

10 लाख के बाद अब कितनी रकम? राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर IDA की नई मांग

इंदौर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। 19 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) और कांग्रेस के बीच तकरार काफी बढ़ गई है, जिससे सियासी गलियारों में घमासान मच गया है।

तय तारीख से ठीक पहले IDA की नई डिमांड

यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को आयोजित होना था, लेकिन उपयुक्त स्थान न मिलने के कारण इसे 19 सितंबर के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था। इसके बाद आईडीए ने 10 लाख रुपये और अन्य शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी थी। हालांकि, अब आयोजन से ठीक दो दिन पहले आईडीए की ओर से साढ़े चार लाख रुपये और मांगे जाने का नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस ने तीखी नाराजगी जताई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर प्रशासन लगातार कार्यक्रम में अड़ंगे डाल रहा है और ऐन वक्त पर नई मांगें खड़े करके परेशान किया जा रहा है।

प्रशासन द्वारा तय की गई पांच प्रमुख शर्तें

आईडीए ने इस कार्यक्रम के लिए 12 हजार वर्गमीटर खाली जमीन तो उपलब्ध कराई है, लेकिन इसे पांच सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है:

  • कार्यक्रम स्थल की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह से आयोजकों की होगी।

  • आयोजन से पहले पुलिस और अन्य संबंधित विभागों से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी।

  • कार्यक्रम में लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम के उपयोग के लिए भी वैधानिक अनुमति जरूरी होगी।

  • यदि तय तारीख से पहले या बाद में जमीन का उपयोग किया जाता है, तो उस अवधि का अतिरिक्त लीज रेंट भी चुकाना होगा।

कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने

कांग्रेस ने आईडीए के इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना और कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास बताया है। पार्टी का कहना है कि पूर्व में तय की गई सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद इस तरह के अंतिम समय के वित्तीय दबाव कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करते हैं। बहरहाल, इन तमाम प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान के बीच 19 सितंबर को होने वाले इस युवा संवाद कार्यक्रम को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है।

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