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बिलासपुर। हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर को ग्राम भरारी में बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके तहत पर्यावरण विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता संपन्न हुई। इस अनूठी पहल में बच्चों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लेते हुए पेड़-पौधों के संरक्षण, स्वच्छता, जल संचयन और पर्यावरण सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अपने विचार शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किए।

निबंधों में झटकी प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता

प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की रचनाओं में पर्यावरण को लेकर गहरी चिंता और जागरूकता साफ तौर पर दिखाई दी। किसी प्रतिभागी ने पेड़ों की अनिवार्यता और उपयोगिता पर जोर दिया, तो किसी ने जल संरक्षण और साफ-सफाई को जीवन के लिए जरूरी बताया। इन रचनात्मक अभिव्यक्तियों के जरिए बच्चों ने प्रकृति के प्रति अपनी संवेदनशीलता और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी का एक बेहतरीन संदेश दिया।

हिंदी भाषा और पर्यावरण जागरूकता का अनूठा संगम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में मातृभाषा हिंदी के प्रति रुचि और लगाव बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरणीय और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करना था। आयोजकों का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर बाल मन में सामाजिक सरोकारों की मजबूत नींव रखी जा सकती है। बच्चों के इस प्रयास और उत्साह को प्रोत्साहित करने के लिए संस्था की ओर से सभी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

इस प्रेरणादायक कार्यक्रम के दौरान संस्था की अध्यक्ष रीता राजगीर, सचिव दीप्ति साहू, सह सचिव ज्योति सिंगरौल, प्राचार्य प्रदीप पांडे और डॉ. लक्ष्मी बृजवासी सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे और बच्चों का हौसला बढ़ाया।

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