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रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध मौत से बढ़ी चिंता, स्वास्थ्य विभाग ने घर भेजी जांच टीम

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन एक से तीन नए मरीज सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में, शहर के पन्नापुरी मोहल्ले में निवास करने वाले 62 वर्षीय सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) फौजी तेजवीर सिंह की गाजियाबाद के एक निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान असामयिक मृत्यु हो गई है।

बुखार से पीड़ित होने के बाद गाजियाबाद में हुआ उपचार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक तेजवीर सिंह पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार से पीड़ित चल रहे थे, और उनके परिजनों ने इस बीमारी के स्वाइन फ्लू होने की आशंका जताई थी। इस दुखद मृत्यु के साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर दो तक पहुंच गया है। परिजनों ने बताया कि लगभग चार-पांच दिनों से बुखार से ग्रस्त होने के कारण उन्हें पहले मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न मिलने की स्थिति में उन्हें गाजियाबाद के एक अन्य निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां बृहस्पतिवार की रात को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शुक्रवार को अत्यंत गमगीन माहौल में परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के निर्देश

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम को उनके आवास पर भेजकर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक विभाग के पोर्टल पर इस संबंध में कोई आधिकारिक डेटा प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी अस्पताल द्वारा इसकी कोई पूर्व सूचना दी गई थी। तथापि, चूंकि परिजन स्वाइन फ्लू की आशंका व्यक्त कर रहे हैं, अतः इसकी तथ्यात्मक जांच अवश्य कराई जाएगी।

लगातार बढ़ रहे मामलों ने बढ़ाई प्रशासनिक चिंता

जिले में स्वाइन फ्लू के कारण अब तक दो मौतें हो चुकी हैं, और इसके साथ ही प्रतिदिन नए संक्रमित मरीज भी सामने आ रहे हैं। इन सबके बावजूद आम जनता में अभी भी लापरवाही का माहौल देखा जा रहा है; लोग न तो सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग कर रहे हैं और न ही कोविड या फ्लू से जुड़े अन्य आवश्यक नियमों का पालन कर रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि इस संक्रमण के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

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