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शहबाज शरीफ का बड़ा दावा- ट्रंप ने समय पर दखल देकर भारत-पाक तनाव को बढ़ने से रोका

न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के दौरान तीखे कूटनीतिक तेवर देखने को मिले। अपने करीब 23 मिनट के भाषण में शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच वर्ष 2025 के सैन्य संघर्ष और कश्मीर जैसे पुराने मुद्दों को हवा देने की कोशिश की।

शहबाज शरीफ का अमेरिकी हस्तक्षेप और कश्मीर राग

संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित समय पर हस्तक्षेप की सराहना करते हुए दावा किया कि इससे दक्षिण एशिया में बड़े पैमाने पर तबाही रुकी। हालांकि, भारत किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को सिरे से खारिज करता रहा है। शरीफ ने इस मंच से एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए इसके निष्पक्ष समाधान की वकालत की, जबकि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के ऐसे सभी दावों को पहले ही खारिज कर चुका है। आपको बता दें कि भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था।

सिंधु जल संधि और पश्चिम एशिया पर बयान

अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने के किसी भी प्रयास को गंभीर कार्रवाई माना जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता के कूटनीतिक प्रयासों का दावा किया और अपने सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका की सराहना की।

भारतीय राजनयिक की हंसी का वीडियो वायरल

जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र के मंच से तीसरे पक्ष की मध्यस्थता और अन्य दावे कर रहे थे, तब वहां मौजूद भारतीय राजनयिक की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई। भाषण के दौरान उनका एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह शरीफ की बातों को सुनकर हंसते हुए नजर आए। भारत इस पूरे मामले पर अपनी पारंपरिक नीति के तहत 'राइट ऑफ रिप्लाई' के जरिए कड़ा जवाब देने की तैयारी में है।

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