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छात्रों और सरकार के बीच पहली बैठक बेनतीजा? JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

रांची। झारखंड में (JPSC) और (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर अड़े छात्र और हेमंत सोरेन सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। राज्य के स्टेट गेस्ट हाउस में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का पहला दौर तो पूरा हो गया है, लेकिन छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधिमंडल की बैठक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार द्वारा गठित चार मंत्रियों के पैनल—जिसमें चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं—ने छात्रों के साथ उच्च स्तर पर चर्चा की। सरकार से बातचीत के लिए 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा था, जिसमें रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल रहे।

छात्रों का रुख: मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

बैठक के बाद छात्र नेताओं ने माहौल को सकारात्मक जरूर बताया, लेकिन अपनी जिद पर कायम रहते हुए स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। छात्र नेताओं का कहना है कि मंत्रियों ने उनकी मांगों को वास्तविक और जायज माना है, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना और प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा। उन्होंने अपनी सभी मांगों को पूरा करने के लिए 10 अगस्त तक की समयसीमा तय की है।

सरकार का पक्ष और आगे की रणनीति

सरकार की ओर से शामिल मंत्रियों ने कहा है कि छात्रों की मांगों और चिंताओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रख दिया गया है। सरकार इस मामले में उचित समाधान निकालने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। हालांकि, बातचीत का यह दौर सकारात्मक रहने के बावजूद छात्र संगठनों ने अपने तेवर ढीले नहीं किए हैं और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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