मध्य प्रदेश

बरगी बांध से छोड़ा गया 1031 क्यूमेक पानी, नर्मदा के तटीय इलाकों में बढ़ा खतरा

जबलपुर। मध्य प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के चलते जबलपुर स्थित बरगी बांध का जलस्तर अपने अधिकतम स्तर के करीब पहुँच गया है। यद्यपि जबलपुर जिले में इस मानसून सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, परंतु ऊपरी जलागम क्षेत्रों—मंडला और डिंडौरी—में हुई भारी बारिश के कारण जलाशय में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बांध के कुल 21 स्पिल-वे गेटों में से 9 गेट खोल दिए गए। बांध प्रशासन द्वारा नर्मदा नदी के निचले तटीय क्षेत्रों और घाटों के लिए सुरक्षा संबंधी सतर्कता निर्देश जारी किए गए हैं।

नौ गेट खोलकर छोड़ा गया पानी

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, 17 अगस्त की रात तक बरगी जलाशय का जलस्तर 420.80 मीटर तक दर्ज किया गया था। इसके पश्चात 18 अगस्त की सुबह लगभग 11 बजे जल निकासी का निर्णय लेते हुए 9 गेट औसतन 0.78 मीटर की ऊँचाई तक खोले गए, जिनसे लगभग 1,031 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जल निकासी के कारण नर्मदा के विभिन्न घाटों पर पानी का स्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

तटीय इलाकों में सुरक्षा अलर्ट और पिछला आंकड़ा

बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार, कैचमेंट एरिया से आ रहे जलभराव की स्थिति को देखते हुए पानी छोड़ने की मात्रा में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है। तटीय निवासियों और श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी के किनारे न जाने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 2025 में बरगी डैम के गेट चालू वर्ष की तुलना में करीब 23 दिन पूर्व, यानी 6 जुलाई को ही खोलने पड़े थे।

प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों का हाल

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में राज्य भर में एक मजबूत मानसूनी प्रणाली सक्रिय है। इसके प्रभाव से जबलपुर के अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंडला, डिंडौरी, सीहोर, पन्ना और छतरपुर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर वर्षा का क्रम जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही मानसूनी मौसम बना रहेगा।

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