राजनीतिक

MP कांग्रेस में बगावत के सुर! मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी से नाराज नरेश ज्ञानचंदानी ने भेजा इस्तीफा

भोपाल
 मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस पार्टी में बड़ा घटनाक्रम सामने आ गया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन दाखिल करने के बाद हुजूर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

37 साल तक कांग्रेस में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने के कारण वे पार्टी से नाराज थे।

ज्ञानचंदानी ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी हित को सर्वोपरि रखा और कभी किसी पद की मांग नहीं की। उनके इस्तीफे से भोपाल सहित प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

मीनाक्षी नटराजन ने भरा नामांकन
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की बैठक हुई। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन सभी वरिष्ठ नेता के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए विधानसभा स्थित राज्यसभा निर्वाचन कार्यालय पहुंची और अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पार्टी ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।

मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन पत्र के चार सेट किया जमा। विक्ट्री का साइन बनाकर बोले कांग्रेसी लड़ेंगे जीतेंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नामांकन जमा होने के बाद कहा कि भाजपा का चेहरा सबके सामने आ गया है हमारे विधायक के झूठ है और किसी से डरने वाले नहीं है। पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा की सौदागर हो गई है एक तरफ महिला आरक्षण की बात करती है और दूसरी तरफ महिला उम्मीदवार का ही विरोध, उस स्थिति में कर रही है जब उनके पास विधायकों की संख्या भी कम है इससे पता चलता है कि भाजपा हार्स ट्रेडिंग करना चाहती है लेकिन कांग्रेस के सभी विधायक हैं और 500% चुनाव जीतेंगे।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कुछ विधायकों को प्रदेश से बाहर तेलंगाना और कर्नाटक भेजे जाने की तैयारी की गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा उनके विधायकों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है।

मजबूती से चुनाव लड़ने को तैयार कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद निजी कार्य से दिल्ली गए हैं, जहां से उनके तेलंगाना जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कुछ विधायकों को तेलंगाना और कुछ को कर्नाटक भेजा जा सकता है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है। इसके बावजूद कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करेगी।

भाजपा से संपर्क पर मंथन
वहीं तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी प्रकार का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि भाजपा कांग्रेस के कुछ विधायकों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने भी दावा किया कि कांग्रेस विधायकों से संपर्क साधे जाने की जानकारी पार्टी को मिल रही है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस फिलहाल अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की टूट-फूट की आशंकाओं को खत्म करने की कोशिश में जुटी हुई है।

 

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