मध्य प्रदेश

खंडवा हॉस्टल में खाने को लेकर हंगामा, थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र; प्रशासन ने शुरू की जांच

खंडवा| मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बालक छात्रावास में रहने वाले बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में कीड़े और इल्लियां मिलने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, जब छात्र अपनी रोज की तरह भोजन कर रहे थे, तभी उन्हें खाने में इल्लियां दिखाई दीं, जिससे गुस्साए बच्चे अपनी भोजन की थालियां हाथों में लेकर सीधे छात्रावास से कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँच गए।

नाराज छात्रों का आरोप है कि इस तरह की लापरवाही और खराब खाना मिलने की स्थिति महीने में तीन से चार बार आम तौर पर सामने आती है, लेकिन बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता है। कलेक्ट्रेट पहुँचे आक्रोशित छात्रों ने छात्रावास के कर्मचारियों और वार्डन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने तुरंत चार सदस्यीय एक उच्च स्तरीय जाँच टीम गठित कर उसे तत्काल छात्रावास भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं।

रैली निकालते हुए हाथों में थालियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र

भोजन की बेहद घटिया गुणवत्ता और वहां के कर्मचारियों के कथित अभद्र व्यवहार से तंग आकर ये छात्र अपने हॉस्टल से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक शांतिपूर्ण विरोध रैली निकालते हुए पहुँचे। उन्होंने अपने हाथों में भोजन की थालियां थाम रखी थीं और इस दौरान उन्होंने जिम्मेदार प्रशासनिक अमले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुँचकर उन्होंने अपनी लिखित शिकायत का एक ज्ञापन सौंपा और खाने की गुणवत्ता में तुरंत सुधार लाने तथा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की पुरजोर माँग की।

दाल-चावल में मिली इल्लियां, मेन्यू के हिसाब से नहीं मिलता खाना

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि शुक्रवार को उन्हें भोजन में दाल और चावल परोसे गए थे। जब वे खाना खा रहे थे, तभी उन्हें दाल के अंदर जीवित इल्लियां तैरती हुई नजर आईं। छात्रों का यह भी आरोप है कि मेस के कर्मचारियों को पहले से ही अच्छी तरह पता था कि इस्तेमाल किए जा रहे अनाज में इल्लियां और कीड़े हैं, इसके बावजूद उसी सड़े हुए अनाज को पकाकर बच्चों को परोस दिया गया।

बच्चों ने यह भी खुलासा किया कि कई बार दाल में पानी के अलावा कुछ नहीं होता और चावल भी पूरी तरह से कच्चे (अधपके) परोसे जाते हैं। शासन स्तर पर छात्रों के पोषण के लिए जो तयशुदा मेन्यू (Menu) निर्धारित किया गया है, उसके अनुसार कभी भी भोजन तैयार नहीं किया जाता है। छात्रों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जब वे इस अमानवीय व्यवस्था का विरोध करते हैं, तो हॉस्टल के कर्मचारी और वार्डन उनके साथ बदतमीजी से पेश आते हैं और गाली-गलौज करते हैं।

प्रशासन ने लिया संज्ञान, चार सदस्यीय जाँच टीम गठित

अपनी इस बड़ी परेशानी को लेकर जब ये छात्र कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे, तो वहाँ मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी पूरी बात को ध्यान से सुना। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि छात्रावास में बच्चों को दूषित व खराब भोजन परोसे जाने और कर्मचारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की आधिकारिक शिकायत प्राप्त हुई है।

शिकायत का औपचारिक आवेदन मिलते ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से मामले की निष्पक्ष जाँच के निर्देश दे दिए हैं। इसके तहत जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को तलब किया गया है और तुरंत चार सदस्यों की एक विशेष जाँच टीम गठित कर उन्हें मौके पर छात्रावास भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह जाँच टीम सीधे छात्रावास परिसर में जाकर वहाँ के छात्रों के बयान दर्ज करेगी और मेस की तमाम व्यवस्थाओं व साफ-सफाई की बारीकी से जाँच करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस जाँच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button