मध्य प्रदेश

‘Gen Z’ के लिए तोमर का नया सुझाव, बोले- ‘तरुण भारत’ हो सकता है बेहतर शब्द

भोपाल। मध्य प्रदेश में युवाओं की पहचान और उन्हें संबोधित करने के तौर-तरीकों को लेकर एक नया वैचारिक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं को 'बेरोजगार' की जगह 'आकांक्षी युवा' नाम दिए जाने के बाद, अब विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी के लिए ‘तरुण भारत’ संबोधन का उपयोग किया है। इंदौर के प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकारिता महोत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य बिंदु

  • तरुण भारत संबोधन: आज के दौर में 'जेन-जी' पीढ़ी की चर्चा हर तरफ हो रही है, जिसके लिए भारतीय संदर्भ में 'तरुण भारत' शब्द अधिक प्रासंगिक और सार्थक प्रतीत होता है।

  • नई पीढ़ी के प्रयोग और विचार: नई पीढ़ी केवल उम्र से युवा नहीं है, बल्कि वह नए प्रयोगों, मौलिक विचारों और भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • बदलता दौर और बड़ा नजरिया: वर्तमान समय पीढ़ी के बदलाव का दौर है। ऐसे में पुरानी पीढ़ी को अपने नजरिए का दायरा बढ़ाना होगा और नई पीढ़ी का स्वागत करना होगा।

  • युवाओं की उपलब्धियां: देश के युवाओं ने पिछले 10 से 15 वर्षों में अपनी प्रतिभा और प्रयोगों से नए आयाम गढ़े हैं, जिस पर पूरे देश को गर्व है।

कौन हैं 'जेन-जी'?

वर्ष 1996 से 2012 के बीच जन्मे युवाओं को 'जेन-जी' (Gen-Z) कहा जाता है। यह वह पीढ़ी है जो मुख्य रूप से इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के युग में पली-बढ़ी है, और इन्हें तकनीकी रूप से दक्ष माना जाता है।

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