
बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को शहर के मंदिरों में घंटियों की गूंज, पुजारियों की व्यस्तता और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। पर्व के पहले दिन सुबह से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और नौ दिनों की साधना
व्यंकटेश मंदिर के महंत डॉ. कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य के अनुसार, श्रद्धालुओं ने सुबह 6:22 से 10:16 और अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधान से घटस्थापना कर नौ दिनों की साधना शुरू की। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गई, जिसके साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ और विशेष अनुष्ठानों का क्रम आरंभ हो गया है।
हाथी पर सवार होकर आईं माता, विशेष संयोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार से नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी रहा है, जिसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि इस बार शश राजयोग समेत कई विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग बन रहे हैं, जो साधना के लिए अत्यंत शुभ हैं।
मंदिरों में ज्योति कलश और भव्य आयोजन
शहरभर के मंदिरों में इस बार कुल 40 हजार से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जबकि 300 से ज्यादा स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं। तिफरा काली मंदिर, सरकंडा स्थित पीतांबरा पीठ और महामाया मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष हवन, यज्ञ और दर्शन के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इस बार 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी एक ही दिन मनाई जाएगी, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी और रावण दहन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।



