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अर्धसैनिक बलों की मांगों को लेकर दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, 12 से 18 नवंबर तक अनशन

नई दिल्ली: नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली और नए सीएपीएफ कानून को वापस लेने की मांग को लेकर सात दिनों की सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा इस आंदोलन की घोषणा की गई है। संगठन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अर्धसैनिक बलों की वाजिब मांगों की ओर लगातार अनदेखी की जा रही है।

12 से 18 नवंबर तक चलेगा धरना

एसोसिएशन की कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 12 नवंबर से 18 नवंबर 2026 तक सात दिनों के लिए नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सांकेतिक भूख हड़ताल और धरना दिया जाएगा। एसोसिएशन पिछले 11 वर्षों से लगातार जवानों के अधिकारों के लिए संघर्षरत है। यह पहला मौका होगा जब देश भर से सैकड़ों पूर्व अर्धसैनिक और उनके परिवार अपनी मांगों के समर्थन में लगातार सात दिनों तक जंतर-मंतर पर जुटेंगे।

संवाद न होने से बढ़ा असंतोष

एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सैकड़ों ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। सीमा सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा में तैनात सीएपीएफ जवानों के मुद्दों पर चर्चा न होने से मजबूर होकर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।

अदालती फैसलों के क्रियान्वयन पर सवाल

संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी 2023 के अपने फैसले में सीएपीएफ को भारत संघ के 'सशस्त्र बल' मानते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सरकार सर्वोच्च अदालत चली गई। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 23 मई 2025 को कैडर अधिकारियों की पदोन्नति और आईपीएस प्रतिनियुक्ति को चरणबद्ध तरीके से कम करने के संबंध में दिए गए निर्देशों के बाद नया सीएपीएफ एक्ट पास कर दिया गया, जिसे पूर्व कैडर अधिकारी अनुचित बता रहे हैं।

राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की तैयारी

सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने कहा कि ओपीएस और अन्य मांगों को लेकर संगठन देश के विभिन्न राज्यों का दौरा करेगा और प्रांतीय राजधानियों में संवाद कर सरकार के रुख से जनता को अवगत कराएगा। वहीं, आईटीबीपी के पूर्व आईजी आनंद निंबाड़िया और कोषाध्यक्ष वीएस कदम ने अर्धसैनिक बलों के लिए अलग ट्रिब्यूनल, पे कमीशन और राज्यों में अर्धसैनिक भलाई बोर्ड के गठन की मांग रखी है।

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