छत्तीसगढ़राज्य

संघ प्रमुख मोहन भागवत का दो दिवसीय दौरा, युवाओं से जुड़ाव और संगठन विस्तार पर चर्चा संभव

बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपने दो दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर बुधवार को बिलासपुर पहुँचे हैं। इस प्रवास के दौरान वे यहाँ संघ के प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं के विशेष बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे तथा आगामी कार्ययोजना और सामाजिक गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देंगे। उनके आगमन को लेकर स्थानीय स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में कार्यक्रम और बौद्धिक सत्र

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन भागवत कोनी-बिरकोना मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। बुधवार की शाम को उन्होंने प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं के बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया और इसी परिसर में रात्रि विश्राम किया। संघ के पदाधिकारियों द्वारा उनके इस प्रवास को लेकर तमाम तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं, तथा कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

संगठन के विस्तार और प्रांतीय पुनर्गठन पर मंथन

प्रवास के दूसरे दिन, गुरुवार को डॉ. भागवत छत्तीसगढ़ प्रांत के चुनिंदा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने, सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने तथा कार्य विस्तार पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। चर्चाओं के बाजार में इस बात की भी चर्चा है कि संघ की संगठनात्मक व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए छत्तीसगढ़ प्रांत को दो अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किए जाने पर विचार हो सकता है, हालांकि अंतिम निर्णय आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति और भावी रणनीतियां

इस सांगठनिक बैठक में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के कई दिग्गज पदाधिकारी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। बैठक में प्रांत संघचालक टोपलाल, प्रांत प्रचारक अभय, अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक, अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सुनील कुलकर्णी सहित मध्य क्षेत्र के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। सभी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में संगठन की संरचना और आगामी अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि जन-कल्याणकारी गतिविधियों को जमीन पर और अधिक मजबूती से उतारा जा सके।

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