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डीके शिवकुमार को पीछे खींचते दिखे राहुल गांधी, हिमंत सरमा ने बताया सार्वजनिक अपमान

गुवाहाटी| कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक नया वीडियो सामने आने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन पर तीखा हमला बोला है। वायरल वीडियो में राहुल गांधी कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कुर्ते का कॉलर पकड़कर उन्हें पीछे खींचते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना को सार्वजनिक अपमान करार देते हुए यह बड़ा सवाल उठाया है कि क्या कर्नाटक के मुख्यमंत्री इस तरह के व्यवहार को चुपचाप स्वीकार कर लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना की तुलना कांग्रेस छोड़ने से जुड़े अपने पुराने व्यक्तिगत अनुभवों से भी की है।

क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का संदर्भ?

यह वायरल वीडियो गत 12 अक्टूबर को दिल्ली में 'इंडिया ब्लॉक' (INDIA Bloc) के मार्च के दौरान का बताया जा रहा है। विपक्षी दलों के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में ज्ञापन सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेता आगे बढ़ रहे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब डीके शिवकुमार आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी राहुल गांधी ने उनके कुर्ते का कॉलर पकड़कर उन्हें पीछे खींच लिया, जिसके बाद राहुल की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने भी शिवकुमार को पीछे धकेल दिया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने किया अपने पुराने अपमान का जिक्र

असम के मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में उन्होंने एक स्वाभिमानी असमिया होने के नाते ऐसा ही अपमान सहने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने लिखा कि ईश्वर की कृपा से उन्होंने उस समय सही और समय पर निर्णय लिया था। हिमंत ने जोर देकर कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार केवल एक साधारण व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और एक समृद्ध इतिहास व संस्कृति वाले राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या डीके शिवकुमार इस तरह के सार्वजनिक अपमान के आगे झुक जाएंगे।

राहुल गांधी के नेतृत्व और राजनीतिक छवि पर सवाल

असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली और कार्यप्रणाली पर भी कड़ा कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि अपनी छवि बदलने के लाख प्रयास कर लें, लेकिन किसी का अहंकार छिप नहीं सकता। कोई व्यक्ति अपना मुखौटा कितना भी बदल ले, उसके भीतर का वास्तविक चेहरा सामने आ ही जाता है। हिमंत ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी लगातार संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही है और सत्ता में वापसी के लिए गलत मार्ग अपना रही है। उन्होंने कहा कि जब अदालत के फैसले उनकी पसंद के नहीं होते, तो वे न्यायपालिका पर सवाल खड़े करते हैं और चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को निशाना बनाते हैं।

भाजपा नेताओं और कर्नाटक इकाई की तीखी प्रतिक्रिया

इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई प्रमुख नेताओं ने भी राहुल गांधी के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। बंगलूरू दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस तरह का सार्वजनिक अपमान राज्य के सात करोड़ नागरिकों के मान-सम्मान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इस घटना की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी द्वारा कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरेंद्र पाटिल को हटाए जाने की ऐतिहासिक घोषणा से की। वहीं, भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक रसूख या विशेषाधिकार किसी को भी दूसरों का सार्वजनिक रूप से अपमान करने की छूट नहीं देता।

कर्नाटक भाजपा ने भी इस घटना को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने इसे कर्नाटक और राज्य की जनता का अपमान बताया। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस मार्च को पूरी तरह अहंकार और दबंगई का प्रदर्शन करार दिया।

हिमंत और राहुल गांधी के बीच का पुराना विवाद

हिमंत बिस्वा सरमा ने वर्ष 2015 में कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्होंने कई मौकों पर राहुल गांधी के साथ अपने पुराने मतभेदों का खुलकर जिक्र किया है। उनके अनुसार, उस समय दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर असम कांग्रेस के आंतरिक विवादों को लेकर एक बैठक बुलाई गई थी। हिमंत ने आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान राहुल गांधी का पालतू कुत्ता 'पिडी' वहाँ रखी प्लेट से बिस्कुट उठा रहा था, लेकिन वहां मौजूद नेताओं के लिए प्लेट बदलने तक की जहमत नहीं उठाई गई। हालांकि, यह उनका पुराना दावा रहा है, जो एक बार फिर इस ताजा विवाद के बाद चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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