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अयोध्या जमीन मामले में नया मोड़, चंपत राय की भूमिका पर संजय सिंह का बड़ा सवाल

नई दिल्ली/अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े जमीन विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मामले में जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि उनके पास ऐसे पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं, जो इस पूरे मामले में नए खुलासे कर सकते हैं।

सांसद के पास हैं 26 अहम दस्तावेज

संजय सिंह ने दावा किया है कि उनके पास जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े कुल 26 दस्तावेज हैं। उनके अनुसार, इन तमाम कागजातों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। सांसद का कहना है कि देश और दुनिया भर के राम भक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी गाढ़ी कमाई से दान दिया है, इसलिए जमीन से जुड़े हर एक लेन-देन में पूरी पारदर्शिता होनी बेहद जरूरी है।

एसआईटी प्रमुख से मुलाकात की मांग

इस पूरे घटनाक्रम को आगे बढ़ाते हुए, संजय सिंह ने जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख किरण एस. को पत्र लिखकर मुलाकात का औपचारिक समय मांगा है। उन्होंने आगामी दिनों में टीम से मिलकर अपने पास मौजूद सभी 26 दस्तावेजों को व्यक्तिगत रूप से सौंपने की इच्छा जताई है। इससे पहले भी वह जांच दल को कुछ कागजात सौंप चुके हैं, और अब नए दस्तावेजों के साथ इस मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में हलचल और आगे की नजरें

सांसद के इन नए दावों के बाद एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसी सांसद को मिलने का समय देती है और इन नए दस्तावेजों को आधिकारिक जांच का हिस्सा बनाया जाता है या नहीं। आने वाले दिनों में इन दस्तावेजों की सत्यता और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इस विवाद की अगली तस्वीर साफ हो सकेगी।

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