मध्य प्रदेश

मजिस्ट्रेट का बड़ा एक्शन, हूटर लगी सरकारी गाड़ी पर कार्रवाई; फरार फॉर्च्यूनर चालक भी नहीं बचा

ग्वालियर| मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर स्थित गोविंदपुरी चौराहे पर बुधवार की शाम एक विशेष यातायात जाँच अभियान चलाया गया, जिसके तहत नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ा शिकंजा कसा गया। इस दौरान बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोकने का प्रयास किया गया, परंतु चालक पुलिस को देखकर गाड़ी लेकर तेजी से भागने लगा। इस भगदड़ के दौरान एक एक्टिवा चालक उसकी चपेट में आते-आते बाल-बाल बचा, हालांकि उसे मामूली चोटें आईं। मुस्तैद पुलिस बल ने तुरंत पीछा कर उस वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

अचानक चलाए गए सघन जाँच अभियान से मचा हड़कंप

यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए चलाए गए इस अभियान के दौरान गोविंदपुरी चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मजिस्ट्रेट की प्रत्यक्ष मौजूदगी में चौराहे से गुजरने वाले प्रत्येक दोपहिया और चारपहिया वाहन की सघन जाँच की गई। इस दौरान वाहन चालकों के लाइसेंस, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की जाँच के साथ-साथ संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी भी ली गई। अचानक शुरू हुई इस प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई से पूरे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बन गया था।

बिना नंबर की फॉर्च्यूनर पर प्रशासन का शिकंजा

जाँच अभियान के दौरान जिस फॉर्च्यूनर गाड़ी को रोका गया, उस पर किसी भी प्रकार की नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी। जब वाहन की अंदरूनी तलाशी ली गई, तो उस पर ‘विधायक’ लिखी हुई एक रसूखदार नेम प्लेट भी बरामद हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस वाहन को जब्त कर लिया है। अब पुलिस चालक से यह पूछताछ करने में जुटी है कि आखिर वह वाहन बिना किसी नंबर प्लेट के क्यों चला रहा था और उस पर 'विधायक' लिखी नेम प्लेट का इस्तेमाल किस अवैध उद्देश्य के लिए किया जा रहा था।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) की गाड़ी से हटाया गया अवैध हूटर

इसी विशेष अभियान के दौरान ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की आधिकारिक ड्यूटी में लगी एक शासकीय गाड़ी पर अवैध रूप से हूटर लगा हुआ पाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने जब संबंधित चालक से इस हूटर को लगाने की वैध अनुमति या आदेश के कागजात दिखाने को कहा, तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही गाड़ी से हूटर को उतरवाकर हटवाया गया और वाहन का नियमानुसार चालान काटा गया। ट्रैफिक थाना प्रभारी धनंजय शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के तयशुदा नियमों के अनुसार केवल विशिष्ट और अधिकृत श्रेणी के आपातकालीन वाहनों को ही हूटर या सायरन लगाने की कानूनी अनुमति दी जाती है।

विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के कटे चालान

इस व्यापक जाँच अभियान के दौरान केवल फॉर्च्यूनर या शासकीय गाड़ी ही नहीं, बल्कि कारों के शीशों पर काली फिल्म (टिंटेड ग्लास) लगाने वाले, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले, बाइकों में अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर तेज आवाज करने वाले तथा अन्य तमाम यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह चालकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर चालानी कार्रवाई की गई।

मजिस्ट्रेट की अभिभावकों से विशेष और सख्त अपील

अभियान के दौरान मजिस्ट्रेट भूपेंद्र सिंह ने शहर के सभी अभिभावकों (माता-पिता) से एक बहुत ही संवेदनशील और सख्त अपील करते हुए कहा कि वे तब तक अपने नाबालिग या युवा बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने के लिए बिल्कुल न दें जब तक कि उनका वैध ड्राइविंग लाइसेंस न बन जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तेज गति से और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने के बेहद घातक परिणाम सामने आते हैं, और यदि ऐसी अनियंत्रित ड्राइविंग के कारण कोई दुर्घटना हो जाती है, तो उससे होने वाली मानवीय क्षति की भरपाई दुनिया की किसी भी चीज से संभव नहीं हो सकती।

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