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रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के लिए सरकार का बड़ा कदम, पेंशन संबंधी काम होंगे आसान

सूरतगढ़। राजस्थान पुलिस सेवा में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित करने वाले कर्मचारियों को अब सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य स्तर से जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप अब जिला मुख्यालयों पर 'पेंशन मित्र' की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जो सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को पेंशन प्रक्रिया, आवेदन पत्र तैयार करने और सभी आवश्यक दस्तावेज जुटाने में पूरी सहायता प्रदान करेगी।

सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ उपलब्ध कराने पर जोर

इस नई व्यवस्था के तहत सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह किया गया है कि पुलिसकर्मियों को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही अथवा उससे पूर्व ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सुलभ करा दिया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति के उपरांत पेंशन शुरू होने में होने वाली सामान्य देरी को समाप्त करना है। इसके साथ ही, पेंशन से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत का समाधान अब अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और अस्पतालों में विशेष काउंटर

पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए इसे डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है। अब पेंशनर्स के लिए 'जीवन प्रमाण पत्र' ऑनलाइन माध्यम से जमा कराने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे हर साल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए कार्यालयों में जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी और आवाजाही की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, अधिक भीड़भाड़ वाले अस्पतालों में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के उपचार और अन्य चिकित्सीय सेवाओं के लिए अलग से काउंटर स्थापित करने की भी योजना है, ताकि उन्हें अस्पताल में किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

अनुभवों का लाभ और कानूनी मामलों का समाधान

यह नई पहल केवल पेंशन और वित्तीय सुविधाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लंबे सेवाकाल के अनुभवों और बहुमूल्य सुझावों को भी सहेज कर रखा जाएगा। विभाग इन अनुभवी कर्मियों के सुझावों का उपयोग राज्य की पुलिस व्यवस्था को और अधिक उन्नत व प्रभावी बनाने में करेगा। इसके अलावा, पेंशन से संबंधित विभिन्न कानूनी विवादों को भी आपसी समन्वय के जरिए न्यायालय के बाहर ही सुलझाने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लंबी और थका देने वाली कानूनी प्रक्रियाओं से बचाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपाधीक्षक पारसमल ने बताया कि इस नवीन व्यवस्था का मूल उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को समयबद्ध रूप से पेंशन व वित्तीय लाभ दिलाना तथा संपूर्ण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाना है। उच्चाधिकारियों के स्पष्ट आदेशों और निर्देशों के अनुसार ही इस व्यवस्था की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।

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