आप नेताओं और पुलिस के बीच टकराव, चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों पर चला वॉटर कैनन

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की गत 31 जुलाई को आयोजित सदन की बैठक में 227 करोड़ रुपये की बड़ी पाइपलाइन परियोजना समेत कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को बिना किसी चर्चा के ही पारित किए जाने का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। इसी बात से आक्रोशित होकर आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
लोकभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प
प्रदर्शन के उग्र होने के बाद ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने लोकभवन की तरफ मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने रास्ते में मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल और सौंपा गया मांगपत्र
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने और उग्र स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को पानी की बौछार यानी वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, बाद में पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और समझाइश के बाद पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को लोकभवन जाने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन के नाम अपना विस्तृत मांगपत्र सौंपा।
बिना चर्चा के करोड़ों के प्रोजेक्ट पास करने का आरोप, जनता के पैसों के दुरुपयोग की आशंका
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि कजोली वॉटर वर्क्स से सेक्टर-39 वॉटर वर्क्स तक नई पाइपलाइन डालने से जुड़े लगभग 227 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रस्ताव को सदन में बिना किसी सार्थक बहस या चर्चा के जल्दबाजी में पास कर दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी हुई है।



