उत्तर प्रदेशराज्य

सपा राज में नकल-भ्रष्टाचार का बोलबाला था—अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने पेपर लीक के मुद्दे पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अखिलेश यादव की मंशा पर सवाल उठाते हुए उनके शासनकाल की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं को निशाने पर लिया।

सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'मित्र अखिलेश जी, आप कहां चले गए पेपर लीक पर प्रदर्शन करने और झूठी गिरफ्तारी कराने महाराज। आपकी अपनी सपा सरकार का हाल आपको याद है भी या भूल गए?'

राजभर ने याद दिलाया सपा का शासनकाल
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी। उन्होंने कहा कि उस समय स्कूलों में खुलेआम नकल होती थी, परीक्षा व्यवस्था को धंधा बना दिया गया था और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र पैसों के बदले बेचे जाते थे। उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जाने का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार में पूरी शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी।

उन्होंने आगे दावा किया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था। राजभर ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हावी था और नियुक्तियों में जातिगत पक्षपात किया जाता था। तंज कसते हुए उन्होंने लिखा, 'सरकारी नौकरी की गाइडलाइन जारी होते ही चचा-भतीजा वसूली के लिए बोरा लेकर निकल जाते थे।'

धर्मेंद्र यादव पर भी साधा निशाना
अपने पोस्ट में राजभर ने समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर पुरानी चर्चाओं का हवाला देते हुए दावा किया कि धर्मेंद्र यादव में विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास करने की भी क्षमता नहीं है। इसी क्रम में उन्होंने चर्चित 'हाऊ कैन यू रोक…' बयान का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर तंज कसा।

राजभर ने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था पर इतने गंभीर सवाल उठे हों, उन्हें आज छात्रों और शिक्षा के मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी छात्रों और युवाओं के हित में ईमानदारी से आंदोलन नहीं कर रही, बल्कि उनका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि विपक्ष छात्रों और युवाओं को बरगलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है और मौजूदा माहौल का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता की कुर्सी हासिल करना है और इसी उद्देश्य से वह प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और छात्र हितों के नाम पर विभिन्न दल विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं सत्तापक्ष विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रहा है।

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