भारतीय वायुसेना में नई जिम्मेदारी से पहले आशुतोष दीक्षित की राजनाथ सिंह से मुलाकात

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के नव-नियुक्त एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बुधवार को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। रक्षा मंत्री ने उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर उन्हें हार्दिक बधाई दी और अपनी ढेरों शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्तमान में वायु सेना के उप प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को नया वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है। आगामी 31 अक्टूबर को वे आधिकारिक तौर पर भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख के रूप में अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।
कब संभालेंगे नया कार्यभार और कैसा रहा अब तक का सफर?
वर्तमान वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, आगामी 31 अक्टूबर को अपनी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद एयर मार्शल दीक्षित देश की वायुसेना के शीर्ष पद की कमान संभालेंगे। सेना के भीतर स्वदेशी एलसीए 'तेजस' और अन्य कई स्वदेशी विमान परियोजनाओं को गति देने तथा उन्हें बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए वे व्यापक रूप से जाने जाते हैं। रक्षा क्षेत्र में सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को उनके नेतृत्व में और अधिक मजबूती मिलने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है। एयर मार्शल दीक्षित का करियर बेहद शानदार रहा है, और वे 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की लड़ाकू विमान शाखा में बतौर अधिकारी कमीशन हुए थे। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के रक्षा कर्मचारी सेवा महाविद्यालय तथा राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र हैं। उनके पास कुल 3,500 घंटे से अधिक का लंबा और समृद्ध उड़ान अनुभव भी है।
सैन्य करियर की प्रमुख उपलब्धियां और विभिन्न कमान का अनुभव
रक्षा मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपने लंबे और विशिष्ट करियर के दौरान सेना में कई बेहद महत्वपूर्ण फील्ड और स्टाफ पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया है। एक कमांडिंग ऑफिसर के रूप में, उन्होंने प्रतिष्ठित 'नंबर नौ स्क्वाड्रन' को आधुनिक मिराज-2000 विमानों से पूरी तरह लैस करने का कार्य किया और बाद में पश्चिमी सेक्टर में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस तथा दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान का नेतृत्व भी संभाला।
इसके पश्चात, इस वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी ने दक्षिणी वायु कमान के वायु रक्षा कमांडर के रूप में अपनी सेवाएं दीं और नई दिल्ली स्थित वायु भवन में सहायक वायु सेना प्रमुख (परियोजनाएं) तथा सहायक वायु सेना प्रमुख (योजनाएं) जैसे अहम पदों को सुशोभित किया। राष्ट्र के प्रति उनकी अनुकरणीय, निष्ठावान और विशिष्ट सेवाओं को मान्यता देते हुए, एयर मार्शल दीक्षित को वर्ष 2006 में 'वायु सेना पदक', वर्ष 2011 में 'विशिष्ट सेवा पदक', वर्ष 2023 में 'अति विशिष्ट सेवा पदक' और वर्ष 2026 में देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में से एक 'परम विशिष्ट सेवा पदक' से अलंकृत किया जा चुका है।



