
दुर्ग| दुर्ग जिला चिकित्सालय की मदर-चाइल्ड यूनिट से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) में बड़ी संख्या में चींटियां पहुंच जाने के कारण पिछले तीन दिनों से सिजेरियन डिलीवरी का कार्य रोकना पड़ा है। संक्रमण के भारी खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन इस ओटी को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है और सभी सीजर ऑपरेशनों को मुख्य (मेजर) ओटी में शिफ्ट कर दिया गया है, जिसके कारण वहां पहले से निर्धारित आर्थोपेडिक और अन्य नियोजित सर्जरी भी प्रभावित हुई हैं।
ऑपरेशन थिएटर में चींटियों का प्रकोप और अस्पताल की व्यवस्था
मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में इन दिनों रोजाना औसतन पांच ऑपरेशनों को टालना पड़ रहा है, हालांकि आपातकालीन (इमरजेंसी) सर्जरी वैकल्पिक टेबल पर जारी रखी गई है। अस्पताल की पुरानी इमारत, उखड़ी हुई टाइल्स और उनमें पड़ी दरारों के रास्तों से चींटियां सीधे ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच रही थीं। इस बड़ी लापरवाही के पीछे नियमित पेस्ट कंट्रोल की कमी और भवन की तकनीकी खामियों को मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित हिस्से को सील कर वहां पेस्ट कंट्रोल, फ्यूमिगेशन और आवश्यक मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया है।
संक्रमण का खतरा और डॉक्टरों का बयान
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन आशीषण मिंज ने कहा कि मरीजों में संक्रमण के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी मरीज को अन्यत्र रेफर नहीं किया गया है, बल्कि सभी जरूरी ऑपरेशन अस्पताल के वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर में सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि फ्यूमिगेशन और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो से तीन दिनों के भीतर मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर पुनः पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन भविष्य में इस तरह की लापरवाहियों से बचने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में भी काम कर रहा है।



