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मदिरा दुकानों के अनुज्ञापत्र के लिए 7 अगस्त को होगी ई-ऑक्शन

जयपुर। आबकारी आयुक्त  नमित मेहता के निर्देशानुसार आबकारी एवं मद्य संयम नीति वर्ष 2025-29 में संशोधन के प्रावधान के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए नवीनीकरण से शेष रही पड़त मदिरा दुकानों के कलस्टर (समूह) की ऑनलाईन ई-नीलामी के लिए विभागीय वेबसाईट https//iems.rajasthan.gov.in  पर नीलामी शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को प्रातः 11 से सांय 4 बजे तक ई-बोली आमंत्रित की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में शेष 11 कलस्टर पर 14 दुकानों का बंदोबस्त किया जाना है।
 
आबकारी आयुक्त ने बताया की ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक बोलीदाता द्वारा विभागीय वेबसाईट से अपने एसएसओ आईडी के माध्यम से लॉगइन करते हुए विभागीय ई-ऑक्शन पोर्टल में निर्धारित प्रक्रियानुसार एक बारीय पंजीकरण करने के बाद ऑनलाईन नीलामी में भाग लिया जा सकेगा। इच्छुक बोलीदाता को ई-नीलामी में भाग लेने से पूर्व सर्वप्रथम राजस्थान सरकार के पोर्टल https//sso.rajasthan.gov.in  पर सिटीजन केटेगरी के अन्तर्गत एसएसओ आईडी बनाना जरूरी है। उक्त नीलामी एक कार्य दिवस में न्यूनतम 5 घंटे की होगी एवं उसके पश्चात् जब तक बोली लगती रहे तब तक 10 मिनट के अनन्त विस्तार तक जारी रहेगी। बोलीदाता को कम से कम 10 हजार रूपए अथवा 10 हजार के गुणांक में बढाकर बोली लगानी होगी। बोलीदाता एक बार में रिजर्व प्राईस पिछली बोली से 10 प्रतिशत से अधिक राशि बढाकर बोली नही लगा सकेगा। 

कलस्टर का जिलेवार एवं उनके आवेदन शुल्क, संशोधित न्यूनतम रिजर्व प्राईस एवं अमानत राशि का विवरण विभागीय वेबसाईट https//iems.rajasthan.gov.in  पर उपलब्ध रहेगा। ऑनलाईन नीलामी में एसएसओ आईडी के माध्यम से भाग लेने के इच्छुक आवेदक द्वारा कलस्टर का चयन कर आवेदन शुल्क एवं अमानत राशि यथासंभव नीलामी की तिथि से एक दिवस पहले रात 11.59 तक https//iems.rajasthan.gov.in  पर बोलीदाता के ऑनलाईन भुगतान द्वारा इस वेबसाईट पर जमा हो जानी चाहिए। ऐसा करने से बोलीदाता विभिन्न प्रकार की तकनीकी समस्याओं से बच सकेंगे। ऑनलाईन भुगतान नही होने या तकनीका कारणों से राशियां जमा नही होने के कारण बोली में भाग नही ले पाने के लिए आवेदक स्वयं जिम्मेदार रहेंगे। प्रत्येक कलस्टर के लिए ऑनलाईन नीलामी में भाग लेने के लिए निर्धारित न्यूनतम रिजर्व प्राईस की 2 प्रतिशत राशि अमानत राशि के रूप में आवेदन के साथ जमा करायी जानी है। बिड राशि के अनुसार अतिरिक्त अमानत राशि अथवा डायनेमिक एरनेस्ट मनी भी जमा करानी होगी। 

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