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प्रदूषण से मिली राहत, सालभर रेड जोन में नहीं पहुंची शहर की हवा

जयपुर। दीपावली पर्व से पहले गुलाबी नगरी की आबोहवा बिगड़ने लगी है, जिससे शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार 5 नवंबर को शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गिरकर 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, तड़के तीन बजे मानसरोवर सेक्टर-12 में AQI 223 और रीको सीतापुरा में 211 तक पहुंच गया। वहीं पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में 200, शास्त्री नगर में 176 और आदर्श नगर में 83 दर्ज हुआ, जिससे साफ है कि अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर भिन्न बना हुआ है।

त्योहार से ठीक पहले बढ़ा प्रदूषण का स्तर

राहत की बात यह रही कि जनवरी से तीन नवंबर तक शहर की हवा एक भी दिन 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज नहीं की गई। हालांकि, साल की शुरुआत में वायु गुणवत्ता प्रभावित रही थी, लेकिन बाद में मानसून के दौरान इसमें काफी सुधार देखने को मिला। जुलाई में 20 दिन और अगस्त में 28 दिन हवा 'संतोषजनक' श्रेणी में रही। अब दीपावली से ठीक पहले प्रदूषण में आ रहा यह उछाल शहर के लिए नई प्रशासनिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती खड़ा कर रहा है।

शुरुआती महीनों में रहा खराब असर, मानसून में मिली राहत

वर्ष की शुरुआत में जयपुर में वायु प्रदूषण का प्रभाव अधिक देखा गया था। जनवरी में छह दिन AQI 200 के पार गया था, जिसमें 7 जनवरी को सर्वाधिक 257 दर्ज किया गया। फरवरी में 26 दिन और मार्च में 28 दिन हवा 'मध्यम' श्रेणी में रही। मई से आबोहवा में सुधार शुरू हुआ और मानसून के महीनों में हवा सबसे साफ दर्ज की गई। 2 अगस्त को AQI 49 रहा, जो इस अवधि का सबसे बेहतर स्तर था। सितंबर में 18 दिन और अक्टूबर में 7 दिन हवा 'संतोषजनक' श्रेणी में दर्ज हुई थी।

विभिन्न इलाकों की हवा में दिखा बड़ा अंतर

नवंबर के शुरुआती दिनों में शहर के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया है। उदाहरण के तौर पर, तीन नवंबर को जहां आदर्श नगर में AQI महज 52 दर्ज हुआ था, वहीं मानसरोवर सेक्टर-12 में 180 और रीको सीतापुरा में 165 दर्ज किया गया। घनी आबादी और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण का बढ़ता स्तर आने वाले दिनों में और विकराल रूप ले सकता है।

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