ट्विशा शर्मा केस में CBI का रुख साफ, दूसरे राज्य में ट्रायल कराने का समर्थन

भोपाल। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक नया मोड़ सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मुकदमे की सुनवाई को भोपाल से बाहर स्थानांतरित करने का समर्थन किया है। सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए गए अपने आधिकारिक हलफनामे में जांच एजेंसी ने आशंका जताई है कि मृतका की सास गिरिबाला सिंह मुकदमे की कार्रवाई और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया बाधित होने की संभावना है।
स्थानांतरण याचिका पर शीर्ष अदालत का रुख
यह पूरा मामला मृतका के पिता नवनिधि शर्मा द्वारा उच्चतम न्यायालय में दायर की गई याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अपनी बेटी के मुकदमे की सुनवाई भोपाल स्थान के बजाय दिल्ली स्थानांतरित करने का आग्रह किया था। याचिका में दलील दी गई थी कि आरोपी सास पूर्व में जिला कोर्ट में न्यायाधीश रह चुकी हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर स्वतंत्र सुनवाई प्रभावित हो सकती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में नोटिस जारी किया था, जिसके उत्तर में जांच एजेंसी ने यह जवाब प्रस्तुत किया है। इस विषय पर अगली कानूनी प्रक्रिया आगामी सप्ताह में संपन्न होगी।
जांच में धाराएं और आरोप
मामले की विधिक स्थिति के अनुसार, आरोपी समर्थ और उसकी माता गिरिबाला सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-85 (क्रूरता), धारा-108 (आत्महत्या हेतु उकसाना) और धारा-3(5) के तहत आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। पूर्व में दर्ज प्रकरण में शामिल दहेज प्रताड़ना से संबंधित प्रावधानों को बाद की प्रक्रिया में विलोपित कर दिया गया था।



