रहाणे ने अपनी सर्वकालिक टेस्ट एकादश में धवन, द्रविड, धोनी और सचिन को किया शामिल

मुम्बई। पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने अपनी सर्वकालिक टेस्ट एकादश की घोषणा ही है। रहाणे ने अपनी टीम में सलामी बल्लेबाज के तौर पर मुरली विजय और शिखर धवन को रखा है। वहीं नंबर तीन पर ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ को जगह मिली, जबकि चौथे नंबर पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को रखा हैं। रहाणे ने स्वयं अपने को नंबर पांच पर रखा है जबकि टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को सौंपी गई, जो नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हैं। धोनी को कप्तान चुनने का कारण बताते हुए रहाणे ने कहा कि वह उनके पहले अंतरराष्ट्रीय कप्तान थे। हैरानी की बात है कि रहाणे की इस टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और चैतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों को जगह नहीं मिली है। इसके लेकर रहाणे का कहना है कि उन्होंने केवल उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया है जिनके साथ उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय या घरेलू करियर में खेला है।
वहीं रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी को स्पिन गेंदबाजी और ऑल-राउंडर विकल्पों के रूप में शामिल किया गया, जो अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा को सौपी है। यह तीनों गेंदबाज उस भारतीय टीम का अभिन्न हिस्सा थे जिसने 2018 के बाद से तेज गेंदबाजी पर विशेष ध्यान देना शुरू किया और विदेशी धरती पर भारत को कई यादगार टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह तिकड़ी अपनी गति, स्विंग और सटीकता के लिए जानी जाती थी।यह स्वाभाविक था कि जब इस एकादश में विराट र रोहित से आधुनिक युग के दो सबसे बड़े नामों को नहीं देखा गया, तो क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ दोनों ही आश्चर्यचकित रह गए। जिसके लिए रहाणे ने कहा कि उन्हीं को इस टीम में रखा गया है जो उनके साथ खेले थे। गौरतलब है कि रहाणे ने इसी साल जुलाई में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। वहीं संन्यास के बाद, विराट ने सोशल मीडिया पर रहाणे की जमकर तारीफ की थी। कोहली ने लिखा था कि रहाणे उनके सबसे पसंदीदा टेस्ट बल्लेबाजी पार्टनर और स्लिप में सबसे सुरक्षित जोड़ीदार थे, और उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए शानदार योगदान दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि मैदान पर भले ही रहाणे ने अपनी विशेष एकादश में कुछ खिलाड़ियों को शामिल न किया हो, लेकिन आपसी सम्मान और भाईचारा हमेशा बना रहता है



