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‘अदालतों की जरूरत ही क्या रह जाएगी?’ फ्लाइट में दिपके की नारेबाजी पर यात्रियों का सवाल

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के उतरते ही हिरासत में ले लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई और विमान के भीतर हुई नारेबाजी को लेकर साथी यात्रियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिस विमान से सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली पहुंचे थे, उसमें सवार एक सह-यात्री ने उड़ान के दौरान नेताओं द्वारा की गई नारेबाजी और आचरण की कड़े शब्दों में आलोचना की।

सह-यात्री ने आपबीती बताते हुए कहा, "हम मुंबई से यात्रा कर रहे थे। विमान के सुरक्षित लैंड होने के बावजूद हमें काफी देर तक अंदर ही इंतजार करना पड़ा। उतरने के दौरान विमान के अगले हिस्से से 'इंकलाब जिंदाबाद' के जोरदार नारे सुनाई दे रहे थे। मुझे नहीं पता कि दिपके कौन हैं, लेकिन इस तरह सार्वजनिक स्थानों पर आम यात्रियों को परेशान करने वाले लोग गैर-जिम्मेदार ही कहे जाएंगे।"

यात्री ने उठाए सवाल: 'क्या हर बात पर विरोध-प्रदर्शन ही समाधान है?'

विमान में सवार यात्री ने विरोध के तरीकों पर सवाल उठाते हुए कहा, "उन्होंने (CJP) पहले भी 36 दिनों तक आंदोलन किया था। लेकिन क्या वे हर जगह आम जनता के लिए मुसीबत खड़ी करेंगे? ऐसे कुछ लोगों के व्यवहार के कारण सामान्य नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि मतदाता सूची से गलत तरीके से नाम हटाए जाने का मुद्दा है, तो उसके लिए देश का उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) मौजूद है और वह इस मामले को देखेगा। इस पर निर्णय प्रदर्शनकारी नहीं कर सकते। यदि हर काम जनता ही सड़कों पर करने लगेगी, तो फिर देश की अदालतों का क्या औचित्य रह जाएगा?"

उन्होंने व्यवस्था का समर्थन करते हुए आगे कहा, "हम सब एक स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन करते हैं। यदि उसमें कोई समस्या है, तो उसके कानूनी रास्ते हैं। हर बात पर विरोध प्रदर्शन करने से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता।"

भाजपा का तीखा हमला: 'अराजकता फैलाने की कोशिश पूरी तरह ध्वस्त हुई' – संबित पात्रा

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर या सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वह वास्तविक भारत की तस्वीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत पूरी तरह शांत है और सुशासन के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली के एक कोने में कुछ अराजक तत्वों द्वारा जो माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी, वह पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

संबित पात्रा ने कहा, "आज अराजक तत्वों का यह फ्लॉप कार्यक्रम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उनका मुख्य मकसद देश की राजधानी को बंधक बनाना, सड़कों पर आगजनी, मारपीट और हिंसा फैलाना था। लेकिन आज भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की शानदार जीत हुई है। पुलिस और प्रशासन ने जिस तरह से पूरी स्थिति को नियंत्रण में रखा है, उससे यह साफ है कि अराजकतावादी अपने मंसूबों में पूरी तरह विफल हो गए हैं और उनका यह एजेंडा आगे नहीं चलने वाला।"

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