राजनीतिक

यूसुफ पठान से सायोनी घोष तक 10 सांसद नदारद, क्या बागी गुट में सब ठीक नहीं?

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एक अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करने वाले 20 बागी सांसदों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से जारी अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए दी गई समय-सीमा समाप्त होने के बाद, इन बागी सांसदों ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है।

कोलकाता में हुई बैठक और आधे सांसदों की गैरमौजूदगी

इस बीच, कोलकाता में बागी सांसदों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें 20 में से केवल 10 सांसद ही पहुंचे। इस बैठक का आयोजन वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की ओर से एक होटल में किया गया था। बैठक में आधे सदस्यों के नदारद रहने के बाद राजनीतिक गलियारों में बागी खेमे के भीतर आंतरिक मतभेदों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक से दूरी बनाने वाले प्रमुख चेहरों में सायोनी घोष और पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान जैसे नाम शामिल हैं।

नेताओं ने आंतरिक कलह की अटकलों को नकारा

बैठक में मौजूद सांसदों ने किसी भी तरह के अंदरूनी विवाद या असंतोष की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। अनुपस्थित सदस्यों के न पहुँचने के अलग-अलग कारण बताते हुए नेताओं ने कहा कि कुछ सांसद विदेश में हैं, कुछ पारिवारिक समस्याओं में उलझे हैं, तो कुछ अन्य जरूरी बैठकों के कारण नहीं आ सके। सांसद रचना बनर्जी ने इस मुलाकात को दुर्गा पूजा से पहले आपसी मेल-मिलाप का एक सामान्य कार्यक्रम बताया, ताकि संसद सत्र के बाद बंगाल लौटने पर सभी एक-दूसरे से मिल सकें।

कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर टिकी नजरें

लोकसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए नोटिस पर जवाब देने के लिए और मोहलत मांगे जाने के बाद, अब इन बागी सांसदों की अगली कानूनी और राजनीतिक रणनीतियों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि तय समय-सीमा के भीतर बागी गुट किस प्रकार अपना जवाब पेश करता है और पार्टी के भीतर की यह दूरी आगे क्या नया मोड़ लेती है।

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