मध्य प्रदेश

केन्‍द्रीय गृह मंत्री शाह ने नवीन न्‍याय संहिताओं पर केंद्रित भव्‍य प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

भोपाल | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भेल दशहरा मैदान पर नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और इसके विभिन्न ज़ोन का अवलोकन किया। यह पाँच दिवसीय प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक चलेगी, जिसका आयोजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को नवीन न्याय संहिताओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया है।

प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना से लेकर अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से दर्शाया गया है।

मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को प्रदेश में नवीन न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन, साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और नवाचारों से अवगत कराया। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना उपस्थित थे।

प्रदर्शनी के प्रमुख 14 ज़ोन और उनकी कार्यप्रणाली:

  • ज़ोन 1 – नवीन न्याय संहिताओं का परिचय: भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों और व्यावहारिक उपयोग की जानकारी।

  • ज़ोन 2 – आपातकालीन सेवाएँ (डायल-112): ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ की अवधारणा के तहत डायल-112 प्रणाली और आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन।

  • ज़ोन 3 – क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच: अपराध स्थल के वास्तविक 3D मॉडल के माध्यम से फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया।

  • ज़ोन 4 – थाना प्रणाली एवं प्रारंभिक जाँच: पुलिस थाने के मॉडल के ज़रिए विवेचना के प्रारंभिक चरण, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर और CCTNS से जुड़ी सेवाओं की जानकारी।

  • ज़ोन 5 – चिकित्सा सेवाएँ एवं मेडिकल साक्ष्य: पीड़ितों के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम और समयबद्ध मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की भूमिका।

  • ज़ोन 6 – फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL): DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जाँच तकनीकों का प्रदर्शन।

  • ज़ोन 7 – अभियोजन की भूमिका: चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक अभियोजन की कार्यप्रणाली।

  • ज़ोन 8 – जिला न्यायालय: जिला न्यायालय का मॉडल और न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग।

  • ज़ोन 9 – जेल सुधार एवं ई-प्रिजन व्यवस्था: जेल मैन्युअल में बदलाव, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रम और ई-प्रिजन प्रणाली का लाइव डिस्प्ले।

  • ज़ोन 10 – उच्च न्यायालय की गरिमापूर्ण पीठ: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर) के मुख्य कोर्ट रूम का स्वरूप, जो एफआईआर से लेकर उच्चतर न्यायपालिका तक की यात्रा को दर्शाता है।

  • ज़ोन 11 – नक्सल उन्मूलन में उपलब्धियाँ: फोटोग्राफिक और डिजिटल माध्यम से नक्सलवाद के खिलाफ किए जा रहे प्रयासों का प्रदर्शन।

  • ज़ोन 12 – साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता: साइबर अपराधों से बचाव के लिए ‘सेफ क्लिक अभियान’ और ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी।

  • ज़ोन 13 – राज्य की उपलब्धियाँ: नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ढांचागत सुधारों में अब तक हुई प्रगति का डिजिटल प्रदर्शन।

  • ज़ोन 14 – सामाजिक पहल और लाइव क्विज़: ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क, ‘Say No to Drugs’ अभियान की जानकारी और नवीन संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ काउंटर।

उद्देश्य और उपस्थिति

यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और कानून में रुचि रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली से परिचित कराना है। उद्घाटन समारोह में सचिव गृह शिल्पा गुप्ता, केंद्र सरकार के अधिकारी तथा प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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