मध्य प्रदेश

‘छात्रों की गूंज’ के बाद स्वीटी पाटिल का दावा, पास को लेकर बताई पूरी कहानी

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रीजनल पार्क समीपस्थ आईडीए मैदान में 19 सितंबर को आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के उपरांत अब 'यूथ कांग्रेस' का आंतरिक मतभेद खुलकर धरातल पर आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए थे, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई। हालांकि, आयोजन संपन्न होने के बाद संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी पाटिल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

स्वीटी पाटिल के गंभीर आरोप और असंतोष

कांग्रेस नेत्री एवं यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी पाटिल ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने विगत 15 दिनों तक विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में संपर्क कर छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम से जोड़ा तथा उनका पंजीकरण कराया। इसके बावजूद आयोजन के दिन उन्हें प्रवेश पत्र (पास) के लिए सुबह से शाम तक भटकना पड़ा। उन्होंने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया कि मेहनत करने वाले निष्ठावान पदाधिकारियों को दरकिनार कर अवांछित तत्वों को कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश दिया गया।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच फेसबुक तथा संगठन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर अपना असंतोष व्यक्त करते हुए लिखा कि जब कार्यकर्ताओं ने इस विसंगति के विरुद्ध आवाज उठाई, तो प्रभारियों ने ग्रुप की सेटिंग्स बदलकर संवाद बंद कर दिया।

प्रबंधन एवं उत्तरदायित्व पर तीखे प्रश्न

स्वीटी पाटिल ने सांगठनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि यदि किसी पद या प्रभार की जिम्मेदारी स्वीकार की गई है, तो उसके कर्तव्यों का निर्वहन भी निष्पक्षता से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि दायित्वों का निर्वहन कौन कर रहा है और निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है।

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष का वक्तव्य

स्वीटी पाटिल एवं अन्य पदाधिकारियों के मध्य उत्पन्न विवाद और सोशल मीडिया बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने कहा कि यह विषय फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप ग्रुप में किसने क्या टिप्पणी की है, इसकी विस्तृत जानकारी उन्हें नहीं है और वे मामले की जानकारी लेने के उपरांत ही कोई बात कह सकेंगे।

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