मारुति सुजुकी ने किया जापान को कार की 1 लाख यूनिट का निर्यात

नई दिल्ली । मारुति सुजुकी ने जापान को कारों के निर्यात में 1 लाख यूनिट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस सफलता के परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2025-26 में सुजुकी जापान की नंबर-1 वाहन आयातक कंपनी बन गई है। भारत में निर्मित फ्रोंक्स, जिम्नी 5-डोर और कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा की जापानी बाजार में जबरदस्त मांग देखी गई है, जिसके चलते जापान अब मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार बन गया है। यह उपलब्धि मारुति की निर्माण गुणवत्ता का प्रमाण है, खासकर जापान जैसे सख्त मानकों वाले देश में। जिम्नी 5-डोर और ई-विटारा का उत्पादन तो पूरी दुनिया के लिए सिर्फ भारत में ही होता है, जो भारत को सुजुकी के वैश्विक नेटवर्क में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करता है। अगस्त 2024 में फ्रोंक्स की शिपमेंट के साथ यह यात्रा शुरू हुई थी, जिसके बाद दिसंबर 2024 में जिम्नी 5-डोर और सितंबर 2025 में ई-विटारा को जापान भेजा गया।
मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारत की विनिर्माण क्षमता का प्रतीक है, और यह भी दर्शाती है कि कैसे चार दशक पहले सुजुकी का भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू हुआ था, और आज मारुति सुजुकी भारत से अपने मूल देश जापान को कारें भेज रही है। जुलाई 2026 में, जिम्नी (5,784 यूनिट), फ्रोंक्स (4,570 यूनिट) और ई-विटारा (2,524 यूनिट) सहित मारुति के कई मॉडल देश से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली कारों की सूची में शीर्ष पर रहे।



