मेडिसिन खरीदने से पहले जरूर करें ये 10 चेक, सेहत से जुड़ा है मामला

दवाइयां दैनिक जीवन की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी हैं, लेकिन इन्हें खरीदते समय बरती गई थोड़ी सी भी असावधानी स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। अक्सर लोग चिकित्सकीय परामर्श के बिना या पैकेजिंग पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों को जांचे बिना दवाइयों का उपयोग शुरू कर देते हैं। ऑफलाइन मेडिकल स्टोर के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से दवा मंगाते वक्त भी पूरी सतर्कता बरतना और उनका सही रखरखाव करना बेहद जरूरी है।
चिकित्सकीय परामर्श और पर्चे का महत्व
किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा का चुनाव करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स या लंबे समय तक चलने वाली दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह और वैध पर्चे के आधार पर ही लेनी चाहिए। सर्दी-जुकाम या सामान्य बुखार जैसी स्थितियों में बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, यदि कोई पुरानी दवा पहले से चल रही हो, तो नई दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर को इसकी जानकारी देना आवश्यक है, ताकि दवाओं के पारस्परिक प्रभाव (Drug Interaction) से बचा जा सके।
पैकेजिंग, सील और समाप्ति तिथि की जांच
दवा खरीदते समय सबसे पहले उसके पैकेट पर अंकित निर्माण और समाप्ति तिथि (Expiry Date) की जांच करें। समय सीमा पार कर चुकी या कटी-फटी और खुली पैकेजिंग वाली दवाएं कतई न लें। यदि कैप्सूल या टैबलेट के रंग, आकार अथवा गंध में कोई बदलाव नजर आए, तो उसका सेवन करने से बचें। इसके साथ ही, पर्चे में लिखी गई दवा के नाम और उसकी निर्धारित क्षमता (Dosage/Strength) का मिलान पैकेट से अवश्य करें।
खुराक की स्पष्टता और अधिकृत खरीद
दवा की सही खुराक और उसे दिन में कितनी बार लेना है, इसका स्पष्ट निर्देश चिकित्सक या फार्मासिस्ट से समझ लेना चाहिए। केवल कम कीमत देखकर किसी अपरिचित या अविश्वसनीय स्रोत से दवा न खरीदें, बल्कि गुणवत्ता और घटक को प्राथमिकता दें। ई-कॉमर्स या ऑनलाइन माध्यमों से दवा मंगाते समय केवल अधिकृत और प्रामाणिक फार्मेसी प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार की विसंगति या शिकायत की स्थिति में सुरक्षा के लिए दवा का पक्का बिल लेना हमेशा आवश्यक होता है।



