
सूरजपुर| छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में स्कूल बस के भीतर हुई एक गंभीर और दहला देने वाली घटना ने यात्रियों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी है। आरोप है कि एक निजी बैंक के सुरक्षा गार्ड ने जबरन चलती स्कूल बस में सवार होने की कोशिश की। जब बस के चालक ने नियमों का हवाला देते हुए उसे बस में बैठाने से साफ मना कर दिया, तो गुस्से में आकर आरोपी गार्ड ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर ड्राइवर को जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ मारपीट की।
अंबिकापुर जाने की जिद पर बढ़ा था विवाद
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बिश्रामपुर थाना क्षेत्र की है। एसईसीएल (SECL) से संबद्ध एक स्कूल बस बिश्रामपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक निजी बैंक का सुरक्षा गार्ड बस के पास आया और जबरन उसमें चढ़कर खुद को अंबिकापुर तक छोड़ने की जिद करने लगा। बस चालक ने पूरी विनम्रता और नियमों का हवाला देते हुए उसे समझाया कि स्कूल बस में किसी भी बाहरी व्यक्ति को बैठाने की अनुमति नहीं है। बस के नियमों का यह हवाला देना गार्ड को नागवार गुजरा और इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखा विवाद शुरू हो गया।
बंदूक निकालने से बस में मची अफरा-तफरी और दहशत
पुलिस को दी गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी सुरक्षा गार्ड ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर सीधे ड्राइवर की तरफ तान दी और उसके साथ जमकर हाथापाई की। अचानक हुई इस हिंसक और डरावनी घटना से बस के भीतर सफर कर रहे अन्य लोगों और सवारियों के होश उड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
आरोपी गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बिश्रामपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की बहुत बारीकी से जाँच कर रही है और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हथियार का लाइसेंस निरस्त करने की होगी प्रक्रिया
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि आपराधिक कृत्य की इस जाँच के साथ-साथ आरोपी के हथियार के लाइसेंस को हमेशा के लिए निलंबित या निरस्त कराने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद नियमों के तहत आरोपी के खिलाफ सबसे सख्त कदम उठाया जाएगा।



