लोकसभा में ऐतिहासिक पल, पहली बार हुआ संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार को बेहद हंगामेदार माहौल में शुरू हुआ। कार्यवाही शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध दर्ज कराने के अनोखे तरीके के तहत सपा कार्यकर्ता चिल्लर (सिक्कों) से भरी दानपेटी लेकर विधानसभा पहुंचे। सत्र के पहले दिन देश के सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसके उपरांत विधानसभा की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधान परिषद में तीखी तकरार और केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान
सदन की कार्यवाही के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, जिसे देखकर विरोधी दलों में बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि 1990 में रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज मंदिर व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अयोध्या के बाद अब मथुरा और काशी में भी भव्य मंदिरों का निर्माण होकर रहेगा।
विपक्ष के 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारों के बीच सपा विधायक का गंभीर आरोप
विधानमंडल सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों ने 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। विधान परिषद में तीखी बहस के दौरान जब उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने तंज कसा, तो सपा नेताओं ने भी पलटवार किया। सपा विधायक लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के समय से ही इसमें अनियमितताएं और भ्रष्टाचार शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में भाजपा और संघ से जुड़े लोगों का वर्चस्व है और वे चढ़ावे में धांधली कर रहे हैं।
सदन में हंगामे के बीच अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक संक्षिप्त संदेश साझा करते हुए लिखा— "आरंभ ही प्रचंड है।" विपक्षी विधायकों के कड़े तेवरों और नारेबाजी को देखते हुए यह साफ है कि आगामी दिनों में भी विधानमंडल के दोनों सदनों में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक जंग देखने को मिलेगी।



