चांदी हुई महंगी! कीमतों में उछाल के बाद जानें आज का लेटेस्ट सिल्वर रेट

नई दिल्ली। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सर्राफा बाजार से लेकर वायदा बाजार तक चांदी के दामों में मजबूती का माहौल देखने को मिला। राजधानी दिल्ली में हालांकि स्थानीय स्तर पर चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, फिर भी ओवरऑल बाजार सकारात्मक बना हुआ है। दिल्ली और मुंबई के खुदरा बाजारों में चांदी की दरें लगभग 234.90 रुपये प्रति ग्राम यानी 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज की गईं। दूसरी ओर, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के सत्र में चांदी वायदा 1.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 2428 रुपये बढ़कर 2,19,147 रुपये के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखी मजबूती, कॉमैक्स पर चढ़े सोने-चांदी के भाव
वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के चलते घरेलू बाजार को भी पूरा समर्थन मिल रहा है। वैश्विक जिंस बाजार कॉमैक्स (COMEX) पर सोने का भाव लगभग 0.24 फीसदी की बढ़त के साथ 4117 डॉलर प्रति औंस के आसपास देखा गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतों में 1.04 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 58.385 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई। वैश्विक मांग में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों ने बुलियन मार्केट के माहौल को तेज कर दिया है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा दरें और पिछला कारोबारी रुझान
देशभर के विभिन्न हिस्सों में चांदी के दाम स्थिर से तेज बने हुए हैं। कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, पटना, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, और बैंगलोर सहित देश के लगभग सभी बड़े शहरों में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,350 रुपये और प्रति किलोग्राम का भाव 2,35,000 रुपये के आसपास बना हुआ है। पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में टैक्स सहित चांदी का भाव 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिका रहा था, जबकि उस समय अंतरराष्ट्रीय हाजिर चांदी में हल्की नरमी देखी गई थी।
इस हफ्ते आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक वजहों पर टिकी रहेंगी बाजार की नजरें
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी के भावों पर कई प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस हफ्ते वैश्विक निवेशकों की निगाहें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोजोन और जापान के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) डेटा पर टिकी रहेंगी। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी बाजार के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर से जुड़े आंकड़े भी कीमती धातुओं की भविष्य की चाल निर्धारित करेंगे। साथ ही कच्चे तेल की आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक माहौल भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।



