98 हजार से अधिक क्लेम शिकायतों पर कार्रवाई तेज, 72% जांच पूरी

जयपुर — मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों के लंबित क्लेम्स के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। योजना के तहत अस्पतालों के पेंडिंग क्लेम्स को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब जिला स्तर पर ही क्लेम रिव्यू कमेटी का गठन कर दिया है, जिससे मामलों का निस्तारण बेहद तेज गति से हो रहा है।
विकेंद्रीकृत सुनवाई से मामलों का त्वरित निस्तारण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, क्लेम रिव्यू कमेटी को अभी तक कुल 98,022 शिकायतें और अपीलें प्राप्त हुई हैं। इनमें से लगभग 72 प्रतिशत यानी 70,610 मामलों की जांच सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। जांच प्रक्रिया के बाद पात्र पाए गए 26,698 मामलों के एवज में कुल 19.61 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
अस्पतालों में सीधे पहुंच रही है कमेटी की टीम
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस नई व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए बताया कि क्लेम निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत कर दिया गया है। पहले जहां मामलों की सुनवाई के लिए टीमों को जयपुर बुलाया जाता था, वहीं अब क्लेम रिव्यू कमेटी (CRC) की टीमें सीधे संबंधित अस्पतालों में पहुंचकर सुनवाई कर रही हैं। इस सुगम व्यवस्था से वर्षों से अटके पड़े मामले अब महज एक महीने के भीतर ही सुलझाए जा रहे हैं।
एसएमएस अस्पताल से जुड़े सबसे ज्यादा मामले
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल के अनुसार, प्राप्त कुल शिकायतों में से सबसे बड़ा हिस्सा एसएमएस अस्पताल का रहा है। यहां से कुल 74,524 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 47,680 मामलों की जांच पूरी कर 17,329 मामलों में 14.48 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है। इसके अलावा अन्य प्रमुख अस्पतालों में—
-
एसएसबी अस्पताल: 4,229 अपीलों का शत-प्रतिशत निस्तारण करते हुए 1,694 मामलों में 91.53 लाख रुपए स्वीकृत।
-
जेके लोन अस्पताल: 4,531 मामलों में 1.51 करोड़ रुपए मंजूर।
-
जनाना अस्पताल: 1,431 मामलों में 1.50 करोड़ रुपए स्वीकृत।
-
एससीआई अस्पताल: 783 मामलों में 76.70 लाख रुपए जारी।
-
महिला अस्पताल: 930 मामलों में 43.93 लाख रुपए की राशि स्वीकृत।
शेष लंबित क्लेम्स का जल्द होगा निपटान
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने जानकारी दी है कि अकेले एसएमएस अस्पताल की अपीलें कुल मामलों का लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा हैं, फिर भी विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए अधिकांश मामलों का समाधान किया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचे हुए शेष क्लेम्स का भी जल्द से जल्द निपटारा किया जाए, ताकि अस्पतालों को समय पर भुगतान मिल सके और आम जनता को निर्बाध रूप से बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें।



