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बठिंडा में किसानों के मोर्चे पर आधी रात पुलिस की दबिश, कई किसान नेता हिरासत में

बठिंडा.

पंजाब के बठिंडा में चाऊके आदर्श स्कूल संघर्ष से जुड़े किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर आज बठिंडा में प्रस्तावित पक्के मोर्चे से पहले प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पक्का मोर्चा विफल करने के उद्देश्य से पुलिस ने तड़के बड़े स्तर पर किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की, जिसमें कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां से जुड़े दो किसान नेताओं—कुलविंदर सिंह ग्याना और फौजी महिमा—को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अजैब सिंह जखेपल और कर्मजीत सिंह मंगवाल को भी पुलिस ने काबू किया है। वहीं जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान, वरिष्ठ नेता जगदेव सिंह जोगेवाला, जगसीर सिंह झुंबा, गुलाब सिंह जिउंद, अमरीक सिंह सिवियां और लखबीर सिंह मान सहित करीब एक दर्जन नेताओं के घरों पर दबिश दी गई, लेकिन अधिकांश नेता पहले ही भूमिगत हो चुके थे।

यूनियन के अनुसार आधी रात के बाद घराचों, महलां, गंडुआं और उगराहां सहित कई गांवों में पुलिस कार्रवाई की गई। प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के घर भी छापेमारी हुई, हालांकि वे वहां नहीं मिले। यूनियन ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

नेताओं ने भुच्चो खुर्द में इकट्‌ठे होने का लिया निर्णय
बताया जा रहा है कि कल जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसानों ने डीसी कार्यालय का घेराव करने के बजाय भुच्चो खुर्द में एकत्र होने का निर्णय लिया था, लेकिन तड़के हुई कार्रवाई के बाद यूनियन ने रणनीति में बदलाव किया है। इधर धरना स्थल भुच्चो खुर्द को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

किसान नेता की रिहाई की मांग
यूनियन नेताओं ने बताया कि पूरा संघर्ष बलदेव सिंह चाऊके और सगनदीप सिंह जिउंद की रिहाई को लेकर है, जो पिछले नौ महीनों से बठिंडा जेल में बंद हैं। यूनियन का आरोप है कि दोनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक रिहाई नहीं होती, तब तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा।

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